Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) पूरी जानकारी, लाभ, उद्देश्य और चुनौतियाँ

Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana/प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY)
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Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana , PMGKAY

Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) भारत सरकार की एक प्रमुख खाद्य सुरक्षा योजना है, जिसे COVID-19 महामारी के दौरान गरीब और जरूरतमंद नागरिकों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस योजना ने देश में करोड़ों लोगों को भूख से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

🕰️ उत्पत्ति और विकास (Genesis and Evolution)

इस योजना की परिकल्पना मार्च 2020 में व्यापक ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज’ के हिस्से के रूप में की गई थी। मूल रूप से इसे तीन महीने (अप्रैल-जून 2020) के लिए एक अल्पकालिक आपातकालीन उपाय के रूप में शुरू किया गया था। हालांकि, इसकी भारी सफलता और महामारी के स्थायी आर्थिक प्रभाव को देखते हुए, सरकार ने इसे कई चरणों में आगे बढ़ाया।

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत संचालित यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 के एक विस्तार के रूप में कार्य करती है। जहाँ NFSA रियायती दरों पर अनाज प्रदान करता है, वहीं PMGKAY ने एक कदम आगे बढ़कर इस अतिरिक्त राशन को पूरी तरह से मुफ्त कर दिया।

⚙️ परिचालन ढांचा और पात्रता (Operational Framework)

PMGKAY अपनी विशाल पहुंच बनाने के लिए मौजूदा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का उपयोग करती है। “वन नेशन, वन राशन कार्ड” (ONORC) प्रणाली के साथ इसके एकीकरण ने प्रवासी श्रमिकों को देश के किसी भी उचित मूल्य की दुकान से अपना राशन प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाया है।

लाभार्थी कौन हैं?

यह योजना लगभग 80 करोड़ व्यक्तियों को कवर करती है जो दो प्राथमिक श्रेणियों में आते हैं:

  1. अंत्योदय अन्न योजना (AAY): अत्यंत गरीब परिवार।
  2. प्राथमिकता वाले परिवार (PHH): विशिष्ट सामाजिक-आर्थिक मानदंडों के आधार पर राज्य सरकारों द्वारा पहचाने गए परिवार।

मिलने वाले लाभ एक नज़र में

विशेषताविवरण
अतिरिक्त राशनप्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो खाद्यान्न (चावल या गेहूं)।
लागत100% मुफ्त (भारत सरकार पूरा वित्तीय बोझ उठाती है)।
पूर्व लाभशुरुआती चरणों में प्रति परिवार 1 किलो दाल भी प्रदान की गई थी।
एकीकरणयह NFSA के तहत मिलने वाले नियमित मासिक राशन के अतिरिक्त है।

🌟 प्रभाव और उपलब्धियाँ (Impact and Achievements)

PMGKAY की सफलता को केवल वितरित किए गए अनाज के टन में नहीं, बल्कि एक मानवीय संकट को रोकने के रूप में मापा जाता है।

  • गरीबी उन्मूलन: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) सहित स्वतंत्र अध्ययनों ने उल्लेख किया है कि PMGKAY ने महामारी लॉकडाउन के दौरान अत्यधिक गरीबी में वृद्धि को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • पोषण संबंधी सुरक्षा: मुफ्त खाद्यान्न प्रदान करके, सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि निम्न-आय वाले परिवार अपनी सीमित बचत को दवाओं और शिक्षा जैसी अन्य आवश्यक वस्तुओं पर खर्च कर सकें।
  • किसानों को लाभ: इस विशाल आपूर्ति को बनाए रखने के लिए, सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद बढ़ाई, जिससे परोक्ष रूप से लाखों किसानों को सुनिश्चित आय का लाभ मिला।

⚠️ चुनौतियाँ और भविष्य की राह (Challenges and Future Outlook)

अपनी सफलता के बावजूद, इस योजना को कुछ रणनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है :

  • डेटा का आधुनिकीकरण: वर्तमान पात्रता अभी भी 2011 की जनगणना पर आधारित है। विशेषज्ञों का तर्क है कि उन लाखों “नए गरीबों” को शामिल करने के लिए एक अद्यतन जनगणना आवश्यक है जो पिछले दशक में उभरे हैं लेकिन राशन कार्ड से वंचित हैं।
  • राजकोषीय दबाव: प्रति वर्ष ₹2 लाख करोड़ से अधिक के बजट के साथ, यह योजना सरकारी खजाने पर भारी दबाव डालती है, जिससे राजकोषीय घाटा बढ़ने की संभावना रहती है।
  • बाजार की गतिशीलता: बड़े पैमाने पर सरकारी खरीद कभी-कभी खुले बाजार में अनाज की उपलब्धता कम कर सकती है, जिससे गैर-लाभार्थियों के लिए कीमतों में उतार-चढ़ाव हो सकता है।

🏛️ NFSA 2013 के साथ संबंध

यह समझना आवश्यक है कि PMGKAY राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) की नींव पर टिकी है। NFSA वह कानूनी ढांचा है जो 75% ग्रामीण और 50% शहरी आबादी को कवर करता है। PMGKAY ने इसी ढांचे का विस्तार करते हुए “रियायती” मॉडल को “मुफ्त” मॉडल में बदल दिया, जो सरकार की सक्रिय कल्याणकारी नीति को दर्शाता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना ने 21वीं सदी में सामाजिक सुरक्षा के पैमाने को नए सिरे से परिभाषित किया है। इसने महामारी के सबसे कठिन दौर में एक जीवन रेखा के रूप में कार्य किया और कुपोषण तथा भूख के खिलाफ भारत की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपकरण बनी हुई है। योजना को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए, अब डिजिटलीकरण, अपात्र लाभार्थियों को हटाने और जनसांख्यिकीय डेटा को अपडेट करने पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है ताकि लाभ कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।अपडेट करना आवश्यक है। NFSA, 2013 के मजबूत ढांचे के साथ PMGKAY भारत की खाद्य सुरक्षा नीति का एक मजबूत स्तंभ बना हुआ है।

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