कन्या सुमंगला योजना 2026: लाभ, पात्रता, किश्तें, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया

🔷 परिचय
कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य में बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। इस योजना की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य बेटी के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान करना और समाज में कन्या भ्रूण हत्या व लिंग भेदभाव जैसी समस्याओं को कम करना है।
🎯 कन्या सुमंगला योजना का उद्देश्य
- बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करना
- बेटियों की शिक्षा में आर्थिक सहायता देना
- परिवारों पर पढ़ाई का बोझ कम करना
- बालिकाओं के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाना
- बाल विवाह और स्कूल ड्रॉपआउट को रोकना
सरकार ने इस योजना के लिए ₹1200 करोड़ का बजट निर्धारित किया है और हजारों बालिकाओं को हर वर्ष लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।
💰 कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता
- प्रत्येक पात्र बालिका को कुल ₹15,000 की आर्थिक सहायता
- यह राशि 6 अलग-अलग किश्तों में दी जाती है
- धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है
🔗 आधिकारिक वेबसाइट लिंक 🔹 मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (MKSY) – उत्तर प्रदेश सरकारी पोर्टल: ➡️ https://mksy.up.gov.in/ (Official Site)

📊 कन्या सुमंगला योजना की 6 किश्तें (Stages)

🔹 श्रेणी 1
- 1 अप्रैल 2019 या उसके बाद जन्म लेने वाली बालिका
- जन्म के 6 माह के भीतर आवेदन
- ₹2000
🔹 श्रेणी 2
- एक वर्ष तक का पूर्ण टीकाकरण
- ₹1000
🔹 श्रेणी 3
- कक्षा 1 में प्रवेश
- ₹2000
🔹 श्रेणी 4
- कक्षा 6 में प्रवेश
- ₹2000
🔹 श्रेणी 5
- कक्षा 9 में प्रवेश
- ₹3000
🔹 श्रेणी 6
- कक्षा 10वीं/12वीं उत्तीर्ण कर
- स्नातक / डिग्री या कम से कम 2 वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश
- ₹5000
✅ कन्या सुमंगला योजना के लाभ
- बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग
- ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से आवेदन की सुविधा
- अधिकतम एक परिवार की 2 बालिकाएं पात्र
- जुड़वा बेटियों को विशेष छूट
👩👧 कन्या सुमंगला योजना की पात्रता
- आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी हो
- परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख या उससे कम हो
- परिवार में अधिकतम 2 बच्चे होने चाहिए
- गोद ली गई बालिकाएं भी पात्र (नियमों के अनुसार)
- जुड़वा बेटियों की स्थिति में विशेष प्रावधान लागू
📄 आवश्यक दस्तावेज
- राशन कार्ड
- आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- वोटर आईडी
- गोद लेने का प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
🌐 कन्या सुमंगला योजना ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ
- Citizen Service Portal पर क्लिक करें
- नियम पढ़कर “मैं सहमत हूँ” पर क्लिक करें
- रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें
- OTP सत्यापन करें
- यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें
- कन्या पंजीकरण फॉर्म भरें
- दस्तावेज अपलोड करें
- फॉर्म सबमिट करें
🏢 ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
- नजदीकी कार्यालय से निशुल्क फॉर्म लें
- आवश्यक जानकारी भरें
- सभी दस्तावेज संलग्न करें
- फॉर्म BDO / SDM / प्रोबेशन कार्यालय में जमा करें
- जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा ऑनलाइन एंट्री की जाएगी
📌 वर्तमान स्थिति और चुनौतियाँ
सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- कुल 27,000 आवेदन प्राप्त
- 11,000 आवेदन अपात्र
- 2100 आवेदन लंबित
ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी योजना की जानकारी और पहुँच सीमित है। योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि इसका लाभ वास्तविक जरूरतमंद बालिकाओं तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुँच पाता है।
📝 निष्कर्ष
कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश में बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। योजना का उद्देश्य मजबूत है, लेकिन इसके प्रभावी क्रियान्वयन, जागरूकता और समयबद्ध भुगतान पर और कार्य करने की आवश्यकता है। यदि सही तरीके से लागू किया जाए, तो यह योजना बेटियों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकती है।
कन्या सुमंगला योजना – FAQs (Frequently Asked Questions)
1. कन्या सुमंगला योजना क्या है?
कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य बालिकाओं के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
2. यह योजना किस राज्य में लागू है?
यह योजना केवल उत्तर प्रदेश राज्य के स्थायी निवासियों के लिए लागू है।
3. योजना की शुरुआत किसने की?
इस योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई थी।
4. कन्या सुमंगला योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
इस योजना के अंतर्गत कुल ₹15,000 की सहायता राशि दी जाती है।
5. यह राशि कितनी किश्तों में मिलती है?
₹15,000 की राशि 6 अलग-अलग किश्तों में दी जाती है।
6. योजना का लाभ किन बालिकाओं को मिलता है?
योजना का लाभ जन्म से लेकर स्नातक/डिप्लोमा में प्रवेश तक की बालिकाओं को मिलता है, बशर्ते वे पात्रता शर्तें पूरी करती हों।
7. एक परिवार की कितनी बेटियाँ योजना का लाभ ले सकती हैं?
सामान्य स्थिति में एक परिवार की अधिकतम 2 बेटियाँ इस योजना का लाभ ले सकती हैं।
8. जुड़वा बेटियों के मामले में क्या नियम है?
यदि दूसरी डिलीवरी में जुड़वा बेटियाँ होती हैं, तो तीनों बेटियाँ योजना का लाभ उठा सकती हैं।
9. परिवार की वार्षिक आय कितनी होनी चाहिए?
परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख या उससे कम होनी चाहिए।
10. योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है।
11. ऑनलाइन आवेदन कहाँ से करें?
उत्तर प्रदेश सरकार के कन्या सुमंगला योजना पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन किया जाता है।
12. ऑफलाइन आवेदन कहाँ जमा करें?
भरा हुआ आवेदन फॉर्म
- विकास खंड अधिकारी (BDO)
- SDM कार्यालय
- जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO)
के कार्यालय में जमा किया जा सकता है।
13. योजना के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
- आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- राशन कार्ड
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- आधार कार्ड
- गोद लेने का प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
14. क्या गोद ली हुई बेटी को भी योजना का लाभ मिलेगा?
हाँ, अधिकतम 2 गोद ली हुई बेटियाँ भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं।
15. क्या योजना की राशि सीधे बैंक खाते में आती है?
हाँ, सभी किश्तों की राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
16. योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना
- बालिकाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करना
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को मजबूत करना
17. अगर आवेदन रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें?
लाभार्थी संबंधित जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) या पोर्टल पर लॉगिन करके आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।
18. क्या योजना का लाभ दोबारा लिया जा सकता है?
हर किश्त अलग-अलग शैक्षणिक/आयु स्तर पर दी जाती है, लेकिन एक ही चरण की राशि दोबारा नहीं मिलती।
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